आधुनिक मिररलेस कैमरों में दो शटर मोड होते हैं — मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक। दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। यहाँ जानें कि शटर काउंट पर इनका क्या असर पड़ता है और कब कौन सा इस्तेमाल करें।
अभी शटर काउंट जांचें →मैकेनिकल शटर में भौतिक ब्लेड होते हैं जो सेंसर के सामने खुलते और बंद होते हैं। यह पारंपरिक तरीका है जो DSLR और अधिकांश मिररलेस में मौजूद है।
इलेक्ट्रॉनिक शटर में कोई मैकेनिकल पुर्ज़ा नहीं चलता। सेंसर सीधे डेटा पढ़ता है — बिल्कुल शांत और शटर काउंट में नहीं जुड़ता।
| पहलू | मैकेनिकल | इलेक्ट्रॉनिक |
|---|---|---|
| आवाज़ | हाँ, क्लिक आवाज़ | बिल्कुल शांत |
| शटर काउंट | बढ़ता है | नहीं बढ़ता |
| Rolling Shutter | नहीं | हो सकता है |
| अधिकतम स्पीड | 1/8000 सेकंड | 1/32000 सेकंड तक |
| फ्लैश सिंक | बेहतर | सीमित |
| शटर लाइफ | सीमित (1–5 लाख) | असीमित |
| कहाँ उपलब्ध | DSLR + मिररलेस | केवल मिररलेस |